शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ चन्द्रवर्णाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचंद्रकांति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चंद्र के समान शीतल कांति वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मानसिक शांति और क्रोध पर नियंत्रण
विस्तृत लाभ
मानसिक शांति और क्रोध पर नियंत्रण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दक्षाय नमः
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ सर्वोपास्याय नमः
ॐ ह्रीं श्रीं वीर लक्ष्म्यै नमः।
ॐ अच्युताय नमः