शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ दयात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपदयालु आत्मा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका हृदय अपार दया और करुणा से निर्मित है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सौम्यता
विस्तृत लाभ
सौम्यता
जप काल
नित्य
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जयवर्धनाय नमः
ॐ स्मरान्तकाय नमः।
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
ॐ हृदयं विजया तथा।
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ ह्स्फ्रेँ ख्फ्रेँ ह्स्रौँ ह्स्ख्फ्रेँ ह्सौँ हनुमते नमः॥