शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ द्विषड्भुजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप12 भुजा वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बारह भुजाओं वाले भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बहुआयामी कार्यक्षमता व शक्ति
विस्तृत लाभ
बहुआयामी कार्यक्षमता व शक्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम्। सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
ॐ सुमङ्गल्यै नमः
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥
ॐ सर्वाद्यायै नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं काल भैरवाय नमः।
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः। भवे भवे नातिभवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः॥