शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ भारद्वाजस्तुताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपऋषि-स्तुत
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महर्षि भारद्वाज द्वारा वंदित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्राचीन ऋषियों के सूक्ष्म ज्ञान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
प्राचीन ऋषियों के सूक्ष्म ज्ञान की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ सर्वसिद्धिदाय नमः
ॐ विष्णवे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये चन्द्रः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः
ॐ ज्योतिष्मत्यै नमः