शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ उन्मत्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभक्तवत्सल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शिव-भक्ति में तल्लीन भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम का जागरण
विस्तृत लाभ
ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम का जागरण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वाद्यायै नमः
ॐ अमृतोद्भवायै नमः
ॐ कदल्यै नमः
ॐ विष्णवे नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु रक्तवर्णो विनायकः ॥