शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ विष्णवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपसर्वव्यापी विष्णु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जीवन और स्वास्थ्य के रक्षक को नमन।
जप काल
औषधि (Medicine) लेते समय
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
महो अर्णः सरस्वती प्रचेतयति केतुना। धियो विश्वा विराजति॥
ॐ नमो भगवते महोग्र दिग्बन्धन नरसिंहाय ज्वालामुखाय अग्निनेत्राय... हन हन दह दह पच पच बन्ध बन्ध कील कील स्वाहा
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
ॐ कृपापारायै नमः
अधो स्वर्णाकर्षण भैरवाय नमः अधो मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।