शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
रामोऽद्रिकूटेष्वथ विप्रवासे सानुजोऽव्याद् भरताग्रजो माम्
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनारायण कवच रक्षा-मंत्र
स्वरूपश्रीराम एवं लक्ष्मण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पर्वतों के शिखरों पर और विदेश में अपने अनुज (लक्ष्मण) के साथ भरत के अग्रज भगवान राम मेरी रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पर्वतों, पहाड़ियों और परदेस (विदेश) में निवास करते समय सुरक्षा
विस्तृत लाभ
पर्वतों, पहाड़ियों और परदेस (विदेश) में निवास करते समय सुरक्षा 61।
जप काल
विदेश यात्रा या पर्वतारोहण के समय।
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