शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ द्युतिमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकांतिमय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शरीर दिव्य तेज और कांति से प्रकाशित रहता है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आभा विकास
विस्तृत लाभ
आभा विकास
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शतकोट्यखिलाण्डादिमहाब्रह्माण्डनायकाय नमः
गुरु गृह गए पढ़न रघुराई। अलप काल विद्या सब आई॥
घ्राणं पातु महालक्ष्मीः कण्ठं पातु सरस्वती। भुजौ तु पातु वरदा हृदय पातु सुन्दरी॥
ॐ निधिरव्ययाय नमः
ॐ अनन्ताय नमः
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8