शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ हरये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्तों के दुखों को हर लेते हैं, उन श्री हरि को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण
विस्तृत लाभ
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिस्वरायै नमः
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु नः शोणः सृष्टिदक्षो विनायकः ॥
ध्यायेच्च तामस क्षत्र रुधिर रक्त परश्वधम्। रक्त नेत्रं करस्थं ब्रह्म सूत्रं यम प्रभम्॥
ॐ अव्ययाय नमः
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।
ॐ व्योमकेशाय नमः।