शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ कूर्चबीजजपप्रीतायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कूर्च बीज ('हूँ') के जप से अत्यंत प्रसन्न होने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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शत्रुओं और बुरी शक्तियों का समूल नाश ('हूँ' बीज का प्रभाव)
विस्तृत लाभ
शत्रुओं और बुरी शक्तियों का समूल नाश ('हूँ' बीज का प्रभाव)।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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आस्तेऽद्यापि महेन्द्राद्रौ न्यस्तदण्डः प्रशान्तधीः। उपगीयमानचरितः सिद्धगन्धर्वचारणैः॥
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8