शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
लक्ष्मीर्हरिप्रिया पद्मा एतन्नामत्रयं स्मरन्। सर्वान्कामानवाप्नोति सत्यं सत्यं हि पद्मज॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-त्रय सिद्धि मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
लक्ष्मी, हरिप्रिया और पद्मा—इन तीन नामों का स्मरण करने वाला समस्त कामनाओं को प्राप्त करता है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समस्त कामनाओं की अचूक पूर्ति
02
ब्रह्माजी स्वयं इसकी सत्यता प्रमाणित करते हैं
विस्तृत लाभ
समस्त कामनाओं की अचूक पूर्ति। ब्रह्माजी स्वयं इसकी सत्यता प्रमाणित करते हैं 13।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर अरु नारि। तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहिं त्रिसिरारि॥
ॐ भविष्यच्चतुराननाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं सर्व विघ्न निवारणाय महा क्रोध भैरवाय नमः।
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ॐ कमलाक्षप्रपूजितायै नमः
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे । राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे ॥