शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नमस्ते शारदे देवि (आदि शंकराचार्य कृत)
नमस्ते शारदे देवि काश्मीरपुरवासिनि। त्वामहं प्रार्थये नित्यं विद्यादानं च देहि मे॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशारदा स्तुति मन्त्र
स्वरूपकाश्मीरपुरवासिनी शारदा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कश्मीर नगर में निवास करने वाली हे देवी शारदा, आपको नमस्कार है। मैं नित्य आपसे प्रार्थना करता हूँ, मुझे विद्या का दान दें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
निर्मल ज्ञान और उच्च शिक्षा का वरदान
विस्तृत लाभ
निर्मल ज्ञान और उच्च शिक्षा का वरदान।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं क्लीं ह्रीं ऐं ईं नं लं सौं स र व ण भ व
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