शत्रु-स्तंभन (बजर का कोठा) मंत्र
ॐ नमो बजर का कोठा, जिस पर पिंड हमारा पेठा। ईश्वर कुंजी ब्रह्मा का ताला, मेरे आठों धाम का यती हनुमंत रखवाला।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
साधक के शरीर के चारों ओर एक वज्र के समान अभेद्य ऊर्जा-कवच का निर्माण, जिससे कोई भी अस्त्र या तंत्र प्रयोग भेद न सके
विस्तृत लाभ
साधक के शरीर के चारों ओर एक वज्र के समान अभेद्य ऊर्जा-कवच का निर्माण, जिससे कोई भी अस्त्र या तंत्र प्रयोग भेद न सके 46।
जप काल
श्मशान या किसी भी उग्र साधना से पूर्व शरीर-बंधन हेतु।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी॥
भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः। वेदवेदाङ्गवेदान्तविद्यास्थानेभ्य एव च॥
ॐ विराजे नमः।
ॐ श्रीकृष्णाय नमः
कल्हार शालि कमलेक्षुक चाप बाण दन्तप्ररोहक गदी कनकोज्ज्वलाङ्गः । आलिङ्गनोद्यतकरो हरिताङ्गयष्ट्या देव्या दिशत्वभयम् ऊर्ध्वगणाधिपो मे ॥
ॐ करवालप्रहारिण्यै नमः