शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ नवनीतविलिप्ताङ्गाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपमाखनचोर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके अंगों पर माखन (नवनीत) का लेप है, उन्हें नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वास्थ्य एवं कान्ति हेतु
विस्तृत लाभ
स्वास्थ्य एवं कान्ति हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो सर्वव्यापक भगवान विष्णु के ही साक्षात् अवतार हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: सर्व-कल्याण) 19।
ॐ तुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
ॐ गुहज्यायसे नमः
ॐ परमडम्भाय नमः
ॐ कृष्णमोहिन्यै नमः