शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ समुद्रतनयायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
समुद्र की पुत्री (क्षीरसागर मंथन से प्रकट) को नमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ हराय नमः
ॐ स्वानन्दं निहिताय नमः।
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ॥ स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायुः ॥
ॐ द्विवर्णाय नमः
ॐ जामदग्नाय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्
दिव्याद्वृन्दारण्यकल्पद्रुमाधः श्रीमद्रत्नागारसिंहासनस्थौ। श्रीश्रीराधाश्रीलगोविन्ददेवौ प्रेष्ठालीभिः सेव्यमानौ स्मरामि॥