सरस्वती महाभागे
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तु ते॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हे महाभाग्यशालिनी, कमल नयनों वाली, विद्या स्वरूपा, विशाल नेत्रों वाली सरस्वती! मुझे विद्या प्रदान करें, आपको नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
108 बार जपने से रचनात्मक क्षमता और मेधा में वृद्धि
विस्तृत लाभ
108 बार जपने से रचनात्मक क्षमता और मेधा में वृद्धि।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जितामित्राय नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नः षण्मुखः प्रचोदयात्
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ।
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
ॐ श्रीं ह्रीं चामुण्डायै नमः
ॐ स्यमन्तकमणेर्हर्त्रे नमः