शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपत्रिनेत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सूर्य, चंद्र और अग्नि जिनके तीन नेत्र हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
त्रिकाल दृष्टि
विस्तृत लाभ
त्रिकाल दृष्टि
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जितवारशये नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
उपस्पृश्य महेन्द्राद्रौ रामं दृष्ट्वाभिवाद्य च।
तद्विष्णोः परमं पदं सदा पश्यन्ति सूरयः। दिवीव चक्षुराततम्॥
अहमेव वात इव प्र वाम्यारभमाणा भुवनानि विश्वा। परो दिवा पर एना पृथिव्यैतावती महिना सम्बभूव॥
ॐ ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा