शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ त्रिकालज्ञायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपत्रिकालज्ञा
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की प्रज्ञा
विस्तृत लाभ
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की प्रज्ञा
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ॐ त्रिवृत्ततनयाय नमः।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
उपैतु मां देवसखः कीर्तिश्च मणिना सह। प्रादुर्भूतोऽस्मि राष्ट्रेऽस्मिन् कीर्तिमृद्धिं ददातु मे॥
ॐ ब्रह्मण्याय नमः
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥ 17
गोपीजनवल्लभाय स्वाहा