शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ उग्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपउग्र रूप (प्रलयंकर)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो प्रलय के समय अत्यंत भयंकर रूप लेते हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर विपत्ति से रक्षा
विस्तृत लाभ
घोर विपत्ति से रक्षा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रभवाय नमः
ॐ दुर्दर्शाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
ॐ लम्बकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ नागयज्ञोपवीतवते नमः।