शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ वरपूर्णामृतोदधये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअमृत-सागर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पूर्ण अमृत के सागर और वरदान देने वाले भगवान सुब्रह्मण्य को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन की परम पूर्णता और परमानंद की अंतिम सिद्धि
विस्तृत लाभ
जीवन की परम पूर्णता और परमानंद की अंतिम सिद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महापातकनाशिन्यै नमः
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
ॐ प्रभायै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये त्रिलोकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ भैरवीनाथाय नमः।