शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीसरस्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपदेवी सरस्वती स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं विद्या की देवी सरस्वती स्वरूप हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः
मया सो अन्नमत्ति यो विपश्यति यः प्राणिति य ईं शृणोत्युक्तम्। अमन्तवो मां त उप क्षियन्ति श्रुधि श्रुत श्रद्धिवं ते वदामि॥
ॐ खण्डपरशवे नमः
आ नो दिवो बृहतः पर्वतादा सरस्वती यजता गन्तु यज्ञम्। हवं देवी जुजुषाणा घृताची शग्मां नो वाचमुशती शृणोतु॥
ॐ दिव्यचक्षुषे नमः।
ॐ भूपतये नमः