शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
राम एकाक्षरी महाबीज मंत्र
राम (अथवा ॐ रां)
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारएकाक्षरी / तारक बीज
स्वरूपअसीम और शाश्वत परब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो योगियों के हृदय में रमण करता है, वह परमानन्द ही 'राम' है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यह वह मूल बीज है जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड उसी प्रकार समाहित है जैसे एक छोटे बीज में विशाल वट वृक्ष
02
यह असीम आनंद और मोक्ष प्रदान करने वाला है
विस्तृत लाभ
यह वह मूल बीज है जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड उसी प्रकार समाहित है जैसे एक छोटे बीज में विशाल वट वृक्ष। यह असीम आनंद और मोक्ष प्रदान करने वाला है 2।
जप काल
श्वास-प्रश्वास के साथ 'अज़पा जाप' के रूप में निरंतर।
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