राम एकाक्षरी महाबीज मंत्र
राम (अथवा ॐ रां)
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो योगियों के हृदय में रमण करता है, वह परमानन्द ही 'राम' है।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह वह मूल बीज है जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड उसी प्रकार समाहित है जैसे एक छोटे बीज में विशाल वट वृक्ष
यह असीम आनंद और मोक्ष प्रदान करने वाला है
विस्तृत लाभ
यह वह मूल बीज है जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड उसी प्रकार समाहित है जैसे एक छोटे बीज में विशाल वट वृक्ष। यह असीम आनंद और मोक्ष प्रदान करने वाला है 2।
जप काल
श्वास-प्रश्वास के साथ 'अज़पा जाप' के रूप में निरंतर।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।
ॐ शूराय नमः
ॐ पुस्तकधृते नमः
ॐ वाराह्यै नमः
जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।