शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सर्वशक्तिधृषे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्व-शक्तिमान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त शक्तियों (ब्रह्म-बल और क्षत्र-बल) को धारण करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कार्य सिद्धि
विस्तृत लाभ
कार्य सिद्धि
जप काल
संकट काल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वमङ्गलमाङ्गल्याय नमः
ॐ साधकप्रचुरानन्दसम्पत्सुखदायै नमः
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
ॐ मोहनाय नमः।
ॐ सुव्यक्ताय नमः
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥