ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

राधावल्लभ सम्प्रदाय मूल मंत्र

ॐ श्री राधावल्लभाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसम्प्रदाय मूल मंत्र
स्वरूपराधावल्लभ (राधा और कृष्ण का अद्वैत रसमय स्वरूप)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

श्री राधा के वल्लभ (प्रियतम कृष्ण) और स्वयं राधा को मेरा नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अद्वैत प्रेम (युगल प्रेम रस) की गहरी अनुभूति और श्री राधावल्लभ जी की साक्षात कृपा

विस्तृत लाभ

अद्वैत प्रेम (युगल प्रेम रस) की गहरी अनुभूति और श्री राधावल्लभ जी की साक्षात कृपा 28।

जप काल

नित्य 108 बार, ध्यान-अवस्था में।

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