शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सुभद्रापूर्वजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपसुभद्रा-अग्रज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी सुभद्रा के बड़े भाई (पूर्वज) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भाई-बहन के प्रेम हेतु
विस्तृत लाभ
भाई-बहन के प्रेम हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ निर्द्वन्द्वाय नमः।
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥
ॐ रावणेशस्तोत्रसाममनोहराय नमः
ॐ कस्तूरीपूजकप्रियायै नमः
ॐ कृष्णप्राणाधिदेव्यै नमः
ॐ लङ्कापुरविदाहकाय नमः