शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपमाता अंजनी के पुत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता अंजनी के परम पवित्र पुत्र को नमस्कार है।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ आपदुद्धारिण्यै नमः
ॐ देवकीनन्दनाय नमः
कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अमृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
ॐ पञ्चबाणधराय नमः