शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ पञ्चबाणधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकामदेव स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कामदेव के पांच बाणों को भी अपने नियंत्रण में धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
काम-वासना पर पूर्ण नियंत्रण
02
काम-ऊर्जा का ओजस (आध्यात्मिक तेज) में रूपांतरण
विस्तृत लाभ
काम-वासना पर पूर्ण नियंत्रण; काम-ऊर्जा का ओजस (आध्यात्मिक तेज) में रूपांतरण।
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ॐ अपराधप्रणाशिन्यै नमः
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
ॐ नियमाय नमः
ॐ भूतभावनाय नमः।