शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
द्वादशाक्षर महाविद्या कमला
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सौ: जगत्प्रसूत्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ऐं, ह्रीं, श्रीं, क्लीं, सौ: बीज-स्वरूपा सम्पूर्ण ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाली माता को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक बंधनों से मोक्ष तथा भौतिक सुख
विस्तृत लाभ
सांसारिक बंधनों से मोक्ष तथा भौतिक सुख।
जप काल
बुधवार को उत्तर की ओर मुख करके श्री यंत्र सम्मुख 6।
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ॐ प्रजापतये नमः
ॐ करमालासमागमायै नमः
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
तव करकमलवरे नखमद्भुतशृंगं दलितहिरण्यकशिपुतनुभृंगम्। केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे॥
वीरभद्राय अतिक्रूराय रुद्रकोप सम्भवाय सर्वदुष्ट निवर्हणाय हुं फट् स्वाहा।