शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ भीष्ममुक्तिप्रदायकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपमुक्ति-दाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पितामह भीष्म को मुक्ति प्रदान करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शान्तिपूर्ण मृत्यु हेतु
विस्तृत लाभ
शान्तिपूर्ण मृत्यु हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कर्पूरचन्दनोक्षितायै नमः
ऋतं वच्मि ॥ सत्यं वच्मि ॥
भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर अरु नारि। तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहिं त्रिसिरारि॥
ॐ शर्वाय नमः
ॐ नमो भगवति सरस्वति परमेश्वरि। वाग्वादिनि मम विद्यां देहि भगवति। भंसवाहिनि हंससमारूढे बुद्धिं देहि देहि। प्रज्ञां देहि देहि विद्यां परमेश्वरि सरस्वति स्वाहा॥
ॐ वागीश्वर्यै नमः