शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ तुलसीदामभूषणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपतुलसी-वल्लभ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तुलसी की माला से अलंकृत भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भक्ति-मार्ग में प्रगति
विस्तृत लाभ
भक्ति-मार्ग में प्रगति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ योगिनीपतये नमः।
ॐ श्रद्धायै नमः
ॐ प्रमोदाय नमः
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
सभासु वदतां श्रेष्ठो राज्ञां भवति च प्रियः। वैदिकं तान्त्रिकं चैव मान्त्रिकं ज्ञानमुत्तमम्॥
ॐ गोविन्दाय नमः