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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

चोदयित्री सूनृतानां

चोदयित्री सूनृतानां चेतन्ती सुमतीनाम्। यज्ञं दधे सरस्वती॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मन्त्र
स्वरूपचोदयित्री (प्रेरित करने वाली वाग्देवी)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो सत्य और प्रिय वाणियों की प्रेरक है, जो उत्तम बुद्धियों को चेतना प्रदान करने वाली है, वह सरस्वती इस यज्ञ को धारण करती है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सत्यभाषण की सहज प्रेरणा, सद्बुद्धि का जागरण एवं उत्तम विचारों की उत्पत्ति

विस्तृत लाभ

सत्यभाषण की सहज प्रेरणा, सद्बुद्धि का जागरण एवं उत्तम विचारों की उत्पत्ति।

जप काल

ध्यान के समय या अध्ययन से पूर्व प्राणायाम के साथ।

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