शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ ईशान्यां पातु भद्रो मे सर्वमंगलदायकः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपईशान दिशा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी मंगल प्रदान करने वाले भद्र स्वरूप ईशान कोण से मेरी रक्षा करें। (ईश्वरीय कृपा की प्राप्ति) 38।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णानुरागिण्यै नमः
ॐ कर्पूरकारणाह्लादायै नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ चञ्चलद्वालसन्नद्धलम्बमानशिखोज्ज्वलाय नमः
ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
ॐ कारणोपात्तदेहाय नमः