शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ गङ्गासुताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपगंगापुत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता गंगा के पुत्र (रखे गए) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विचारों की पवित्रता और पापों का प्रक्षालन
विस्तृत लाभ
विचारों की पवित्रता और पापों का प्रक्षालन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्। परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ त्रिकालज्ञायै नमः
ॐ कदलीरूपायै नमः
ॐ सुखिने नमः
ॐ श्रीमन्मन्दकटाक्षलब्धविभवब्रह्मेन्द्रगङ्गाधरां, त्वां त्रैलोक्यकुटुम्बिनीं सरसिजां वन्दे मुकुन्दप्रियाम्॥
नमो शिव भैरवाय शत्रु नाशाय सर्वभूत दमनाय हुं फट् स्वाहा।