शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
स्कंद स्तुति
ॐ नमः प्रणवार्थाय प्रणवार्थविधायिने । प्रणवाक्षरबीजाय प्रणवाय नमो नमः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारश्लोक 1
स्वरूपॐकार स्वरूप (स्वामिनाथ)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
प्रणव (ॐ) के अर्थ स्वरूप, प्रणव के विधानकर्ता और स्वयं प्रणव स्वरूप भगवान को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परब्रह्म के रहस्य का ज्ञान
विस्तृत लाभ
परब्रह्म के रहस्य का ज्ञान।
जप काल
गुरु दीक्षा या वेदाध्ययन से पूर्व।
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