शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वर्णाश्रयप्रदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवर्ण-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी वर्णों और आश्रमों को आश्रय देने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज के सभी वर्गों के साथ समरसता
विस्तृत लाभ
समाज के सभी वर्गों के साथ समरसता।
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ॐ कमलासनसन्तुष्टायै नमः
ॐ दयासाराय नमः
अत्रोपविश्य लक्ष्मि! त्वं स्थिरा भव हिरण्मयि! सुस्थिरा भव सुप्रीत्या प्रसन्नवरदा भव॥
उमासहायं परमेश्वरं प्रभुं त्रिलोचनं नीलकण्ठं प्रशान्तम्। ध्यात्वा मुनिर्गच्छति भूतयोनिं समस्तसाक्षिं तमसः परस्तात्॥
ॐ उमायै नमः
ॐ ब्रह्मणस्पते त्वमस्य यन्ता सूक्तस्य बोधि तनयं च जिन्व । विश्वं तद्भद्रं यदवन्ति देवा बृहद्वदेम विदथे सुवीराः ॥