शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ शमीगर्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रदीप्त स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शमी वृक्ष की अग्नि के समान जाज्वल्यमान देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संकट के समय अचानक शक्ति की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
संकट के समय अचानक शक्ति की प्राप्ति।
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को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवीर्जुषताम्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम प्रत्यक्ष दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ सत्यपरायै नमः
ॐ कलिप्रसवै नमः
ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे कविं कवीनामुपमश्रवस्तमम् । ज्येष्ठराजं ब्रह्मणां ब्रह्मणस्पत आ नः शृण्वन्नूतिभिः सीद सादनम् ॥