शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
सर्व-अरिष्ट नाशक अष्टक मंत्र
को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआर्त-पुकार / संकटमोचन मंत्र
स्वरूपसंकटमोचन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे कपि श्रेष्ठ! इस संसार में ऐसा कौन है जो यह नहीं जानता कि आपका नाम ही 'संकटमोचन' (संकटों से मुक्त करने वाला) है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मानसिक शांति, पारिवारिक क्लेश का निवारण और जीवन की दुर्गम बाधाओं से बाहर निकलने का मार्ग
विस्तृत लाभ
मानसिक शांति, पारिवारिक क्लेश का निवारण और जीवन की दुर्गम बाधाओं से बाहर निकलने का मार्ग 41।
जप काल
मंगलवार और शनिवार को अष्टक पाठ के अंत में या संकट के समय निरंतर जप।
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