शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ जङ्घे पातु धराभारहर्ता योऽसौ नृकेसरी
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपिंडलियां / नृकेसरी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पृथ्वी का भार हरने वाले नृकेसरी मेरी पिंडलियों की रक्षा करें। (यात्राओं में थकान व विघ्न का नाश)।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कस्तूरीपूजकप्रियायै नमः
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ ऐं नमः शारदे श्रीं शुद्धे नमः शारदे ऐं वद वद वाग्वादिनि स्वाहा
शं च मे मयश्च मे प्रियं च मेऽनुकामश्च मे...
ॐ महावीराय नमः।
ॐ भगवते नमः