माँ सरस्वती मंत्र
ॐ कामपीठविलासिन्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
काम-पीठ (इच्छाओं के केंद्र) में आध्यात्मिक क्रीड़ा करने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
यौनाचार की ऊर्जा का आध्यात्मिक ऊर्ध्वगमन (ऊर्ध्वरेता सिद्धि)
विस्तृत लाभ
यौनाचार की ऊर्जा का आध्यात्मिक ऊर्ध्वगमन (ऊर्ध्वरेता सिद्धि)।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वामदेवाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवासुरमनुष्यबोधः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अखिलाद्याय नमः
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ दुर्गमध्यानभासिन्यै नमः