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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

बटुक भैरव वशीकरण मंत्र

ॐ नमो बटुक भैरवाय कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्च यश्च मम सुखं तं तं मोहयतु स्वाहा।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारबटुक भैरव मोहन मंत्र / तांत्रिक वशीकरण मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

कामदेव के समान आकर्षक बटुक भैरव, मैं जिन्हें भी देखूं वे सभी मेरे प्रति आकर्षित हों।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सर्व-जन आकर्षण, कार्य-सिद्धि, और भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

सर्व-जन आकर्षण, कार्य-सिद्धि, और भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति 21।

जप काल

तांत्रिक साधना विधि के अंतर्गत गुरु-निर्देशन में 7।

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥

ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीसरस्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः

ॐ क्रौं कल्किदेवाय नमः

ॐ सुरारिभिदे नमः

ॐ नन्दिन्यै नमः

ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8