ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नारद पुराणोक्त अष्टादशाक्षर (18-अक्षरी) महामंत्र

ॐ नमो भगवते आञ्जनेयाय महाबलाय स्वाहा॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारअष्टादशाक्षर तांत्रिक मंत्र
स्वरूपमहाबल आंजनेय
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

महाबलशाली भगवान आंजनेय को मेरा नमस्कार है, मैं स्वयं को उनकी दिव्य ऊर्जा के प्रति समर्पित (स्वाहा) करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ऊपरी बाधाओं, भूत-प्रेत (Evil spirits), काले जादू और भयंकर रोगों (जैसे प्लीहा वृद्धि/Spleen enlargement) से त्वरित रक्षा तथा अस्त्र-शस्त्र से बचाव

विस्तृत लाभ

ऊपरी बाधाओं, भूत-प्रेत (Evil spirits), काले जादू और भयंकर रोगों (जैसे प्लीहा वृद्धि/Spleen enlargement) से त्वरित रक्षा तथा अस्त्र-शस्त्र से बचाव 7।

जप काल

21,000 बार पुरश्चरण। रोग निवारण हेतु रोगी के उदर पर पान का पत्ता रखकर बदरी (बेर) की लकड़ी से अभिमंत्रित करने का तांत्रिक विधान 7।

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