दक्षिण मुख (नरसिंह) रक्षण मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
दक्षिण दिशा वाले भयानक नरसिंह मुख को मेरा नमस्कार है, जो सभी प्रकार के भूत-प्रेतों और पिशाचों का दमन करते हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
हर प्रकार के भय, पाप, और कुदृष्टि (Evil Eyes) तथा बुरी आत्माओं से पूर्ण रक्षा
विस्तृत लाभ
हर प्रकार के भय, पाप, और कुदृष्टि (Evil Eyes) तथा बुरी आत्माओं से पूर्ण रक्षा 10।
जप काल
दक्षिण दिशा की ओर मुख करके।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कलमञ्जीरचरणायै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये दशावतारात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ वेदगर्भाय नमः
सर्वाननशिरोग्रीवः सर्वभूतगुहाशयः। सर्वव्यापी स भगवांस्तस्मात् सर्वगतः शिवः॥
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥ 18
ॐ वीर्यवते नमः