शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ नारायणमनोहराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविष्णु-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री नारायण के मन को हरने वाले भानजे को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ
विस्तृत लाभ
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोवर्धनाचलोद्धर्त्रे नमः
क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः
ॐ रत्नसिंहासनस्थाय नमः।
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ गौतम बुद्धाय नमः
ॐ पद्मप्रियायै नमः