ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ सरस्वती मंत्र

नित्यलीलाप्रवेशं च ददाति श्रीव्रजाधिपः। अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवानां न विद्यते॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।
स्वरूपनित्यलीला प्रवेशिनी
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

तत्पश्चात व्रज के अधिपति (कृष्ण) उसे अपनी नित्यलीला में प्रवेश देते हैं। सच्चे वैष्णवों के लिए इससे परे मांगने योग्य और कुछ भी नहीं है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

लाभ: गोलोक की नित्यलीला में प्रवेश

विस्तृत लाभ

लाभ: गोलोक की नित्यलीला में प्रवेश।

टिप्पणी

यहाँ इस सिद्ध स्तोत्र के सभी 19 श्लोकों को मंत्र रूप में, उनके अर्थ और लाभ सहित प्रस्तुत किया गया है। सभी का

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