शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ पञ्चहस्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपपञ्चहस्त
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पंचतत्त्वों पर नियंत्रण
विस्तृत लाभ
पंचतत्त्वों पर नियंत्रण
जप काल
नाम जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अहं सोममाहनसं बिभर्म्यहं त्वष्टारमुत पूषणं भगम्। अहं दधामि द्रविणं हविष्मते सुप्राव्ये यजमानाय सुन्वते॥
ॐ जङ्घे पातु धराभारहर्ता योऽसौ नृकेसरी
ॐ शिरो मे विष्णुपत्नी च ललाटं अमृतोद्भवा। चक्षुषी सुविशालाक्षी श्रवणे सागरम्बुजा॥
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः
ॐ कपर्दीशकृपान्वितायै नमः