माँ सरस्वती मंत्र
ॐ पञ्चाननाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनके पांच मुख हैं (दसों दिशाओं के रक्षक), उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
दसों दिशाओं और पांचों तत्त्वों से पूर्ण रक्षण
तंत्र विद्या में विशेष सिद्धि
विस्तृत लाभ
दसों दिशाओं और पांचों तत्त्वों से पूर्ण रक्षण; तंत्र विद्या में विशेष सिद्धि।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ राक्षसामरगन्धर्वकोटिकोट्यभिवन्दिताय नमः
ॐ रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः
ॐ नित्यगतायै नमः
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ शकटासुरभञ्जनाय नमः
ॐ विष्णुप्रियाय नमः