शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ सहस्रार हुं फट् नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसुदर्शन मूल मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हजारों अरों वाले भगवान सुदर्शन को नमस्कार। यह सर्व-विघ्न विनाशी है।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः
ॐ श्रीकृष्णमहिष्यै नमः
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः ॐ देवलक्ष्म्यै नमः ॐ सर्वोपद्रवनिवारिण्यै नमः।
ॐ धीरोदात्ताय नमः
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥