शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ सौम्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपशांत स्वभाव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका तपश्चर्या के पश्चात् स्वरूप अत्यंत शांत और सौम्य हो गया है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
क्रोध शमन
विस्तृत लाभ
क्रोध शमन
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ दैत्यघ्नाय नमः।
ॐ प्राज्ञाय नमः
ॐ विभीषणपरित्रात्रे नमः
ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥