शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ साधकोत्तमसर्वस्वायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो उत्तम साधकों का सर्वस्व (एकमात्र आश्रय और लक्ष्य) हैं।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भैरवाडम्बराय नमः
नमो भगवते उग्र भैरवाय सर्वविघ्ननाशाय ठः ठः स्वाहा।
ॐ श्रीराधा मे शिरः पातु।
ॐ वृषभारूढाय नमः
ॐ वीरवराग्रगाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8