माँ सरस्वती मंत्र
ॐ श्रीराधा मे शिरः पातु।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
श्री राधा मेरे सिर की रक्षा करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
अंग: सिर (मस्तिष्क) की रक्षा
विस्तृत लाभ
अंग: सिर (मस्तिष्क) की रक्षा।
टिप्पणी
इस कवच के मंत्रों को न्यास (शरीर के अंगों को स्पर्श करते हुए) के रूप में जपा जाता है।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अच्युताय नमः
ॐ गोपगोपीश्वराय नमः
ॐ विश्वकर्मणे नमः
अहं सोममाहनसं बिभर्म्यहं त्वष्टारमुत पूषणं भगम्। अहं दधामि द्रविणं हविष्मते सुप्राव्ये यजमानाय सुन्वते॥
ॐ मृतवानरजीवनाय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।